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हिमाचल के मंत्री ने कर डाली ऐसी पहल, हर कोई बोला- वा‌ह क्या बात

हिमाचल के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल के इस कदम की हर कोई प्रशंसा कर रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल वीआईपी कल्चर से दूर रहेंगे। इन्होंने जिले में पायलट लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से फूल और मालाओं के साथ स्वागत करने को मनाही की है। सोलन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे सादगी के साथ रहना चाहते हैं। उन्हें स्वागत और बड़े समारोह में फिजूलखर्ची पसंद नहीं है। किसी स्कूल या दूसरे कार्यक्रम में उन्हें बुलाया जाता है तो वहां फूल और ढोल-नगाड़ों पर होने वाले खर्च को आयोजक मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करवा दें। उनका स्वागत सादगी के साथ एक फूल देकर किया जाए। बकौल डॉ. सैजल वे हार और फूल मालाओं की संस्कृति को खत्म करना चाहता हैं।

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उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सड़कों की मरम्मत हो, उनका रख-रखाव हो और जिले के सभी गांव को बेहतर संपर्क सुविधा मिले। जिले के विभिन्न अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों के रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने के प्रयास होंगे।

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स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाया जाएगा। विद्यालयों में अध्यापकों के खाली पड़े पदों को भरना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता रहेगी। पेयजल वितरण व्यवस्था की खामियों को सुधारा जाएगा। डॉ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 100 दिन की कार्य योजना तैयार कर विकास को गति प्रदान की जाएगी।

किराये के घरों में नहीं चलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र

प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र अब निजी भवनों में नहीं चलेंगे। भवनों के लिए जगह की तलाश होगी और सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद आंगनबाड़ी भवन बनाए जाएंगे। घरों में चलाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को नए भवनों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने यह जानकारी दी। सेजल ने कहा कि आंगनबाड़ी भवनों के लिए जमीन की जरूरत पड़ेगी।

सरकार पहले चरण में जिस जगह सरकारी जमीन उपलब्ध होगी, वहां भवन बनाने से शुरूआत करेगी। इसके बाद दूसरे केंद्रों के लिए भी भवन बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति सरकार गंभीर है।

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