हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित इंडस्ट्रियल मैनेजर की परीक्षा रद्द करने की मांग

हाल ही में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित इंडस्ट्रियल मैनेजर की परीक्षा भी विवादों में घिर गयी गई है। यहां तक कि परीक्षार्थियों ने इस परीक्षा को रद्द करने की मांग भी कर डाली है, अगर आयोग अपने स्तर पर इस परीक्षा को रद्द नहीं करता है तो मामला उच्च न्यायालय तक जा सकता है।

रविवार 25 फ़रबरी को सांध्यकालीन सत्र में आयोजित इंडस्ट्रियल मैनेजर की छंटनी परीक्षा में आयोग की गलती  का भारी खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ा। परीक्षा देने आए कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पर रोल नंबर और फोटो परीक्षा हाल में मौजूद उपस्थिति रजिस्टर से नहीं मिले और कई जगह तो एक ही रोल नंबर दो अभ्यर्थियों को जारी कर दिया गया था

इस कारण इन अभ्यर्थियों की परीक्षा बीच में ही रोकनी पड़ी और बावजूद आयोग की गलती के अभ्यर्थियों को परीक्षा देने का पूरा समय नहीं मिल पाया। जैसा कि परीक्षा का समय 2 घंटे होता है तो उन 2 घंटों में से तकरीबन 20-25 मिनट तो निरीक्षण कर्मी मामले की पुष्टि करते करते खा गए और OMR शीट में रोल नंबर, सीरीज, डेट ऑफ़ बर्थ इत्यादि जानकारी भरने का 15 मिनट का समय भी नहीं दिया गया इन अभ्यर्थियों को, जिसके चलते परीक्षार्थियों को 2 घंटे की वजाय सिर्फ 1 घंटा 15-20 मिनट ही मिल पाए और उनके आधे प्रश्न समय के अभाव में ही छूट गए।

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उधर, हिप्र कर्मचारी चयन आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने कहा कि आईटी विभाग की गलती के कारण अभ्यर्थियों को असुविधा हुई है। तो जनाब गलती जिस मर्ज़ी से हुई हो खामियाजा हमेशा जनता ही क्यों भुगते? आपके आईटी विभाग की गलती की वजह से अभ्यर्थियों को परीक्षा देने का पूरा समय नहीं मिल पाया उसका क्या? और इस बात का भी क्या भरोसा कि इसमें कोई धोखाधड़ी ना हुई हो? ये भी तो हो सकता है कि आपके स्टाफ ने जानबूझ कर परीक्षार्थियों के रोल नंबर से छेड़खानी की हो ताकि अपने लोगों को भर्ती कर सकें।

इतना ही नहीं ऊपर से जनाब अमर उजाला अख़बार में झूठी खबर भी दे रहे हैं कि खामियाजा सिर्फ आधा दर्जन अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ा, सच तो ये है कि ये संख्या आधा दर्जन क्या एक दर्जन से भी काफी अधिक थी, दूसरा झूठ:- ” पता चलते ही आयोग ने समय रहते ही इस त्रुटि को दूर कर दिया” लेकिन सच तो ये है कि समय रहते कुछ नहीं हुआ, जो भी हुआ परीक्षा के बीच में हुआ और आपने परीक्षार्थियों का कुल मिला के करीब 40-45 मिनट बर्बाद किये हैं जिसकी वजह से अभ्यर्थी पूरा पेपर नहीं कर पाए।

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Posted by: Admin Himachali Roots on

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