Press "Enter" to skip to content

किन्नौर में प्रदेश का पहला स्नो हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट, जानिए आखिर ये है क्या

शिमला – हिमाचल का पहला स्नो हार्वेस्टिंग स्टडी प्रोजेक्ट तीन वर्ष की अवधि के लिए किन्नौर में चलेगा। इसके लिए फील्ड वर्क लगभग पूरा किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 80 लाख रुपए की राशि मंजूर की है। यह प्रोजेक्ट मनाली स्थित भारतीय सेना के सासे विंग द्वारा तैयार किया गया है, जो एवलांच स्टडी के क्षेत्र में महारत रखता है। प्रदेश में यह अपनी तरह का ऐसा पहला प्रोजेक्ट होगा, जिसमें बड़े-बड़े स्ट्रक्चर खड़े करके बर्फ को स्टोर किया जाएगा, जिससे गर्मियों के दिनों में जनजातीय क्षेत्र को पेयजल व सिंचाई सुविधा की दिक्कतें पेश न आएं।

भूमिगत जल को रिचार्ज करने के लिए भी यह महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अभी तक इसका फील्ड वर्क ही पूरा किया गया है। संभवतः अप्रैल-मई तक इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अभी तक विदेशों में ही यह तकनीक इस्तेमाल की जा रही है। यह पहला मौका होगा कि सासे की पहल पर प्रदेश के किन्नौर में इसकी स्थापना होगी। दरअसल गर्मियों में किन्नौर के ज्यादातर हिस्सों में पेयजल व सिंचाई की दिक्कतें पेश आती हैं। स्नो हार्वेस्टिंग तकनीक के जरिए ऐसी दिक्कतों को दूर करने का प्रयास होगा।

प्रोजेक्ट से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि यह रिसर्च एंड डिवेलपमेंट पर आधारित प्रोजेक्ट है। इसी वर्ष इसको स्थापित करके अध्ययन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान देखा जाएगा कि स्नो हार्वेस्टिंग का कार्य सफल हो सकता है या नहीं, क्योंकि किन्नौर में तापमान में बदलाव भी काफी महत्त्वपूर्ण रहता है। यदि सब कुछ सही रहा तो ऐसे प्रोजेक्ट प्रदेश के अन्य दूरदराज के हिस्सों में भी स्थापित किए जाएंगे।

लद्दाख के नोरबू से ली प्रेरणा

विशेषज्ञों ने बताया कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट को स्थापित करने की प्रेरणा लद्दाख के नोरबू नामक व्यक्ति से ली। उसने वहां स्नो हार्वेस्टिंग का कार्य सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, जिससे न केवल स्थानीय लोगों को साल भर पानी की सप्लाई होती है, बल्कि सिंचाई कार्यों में भी इसका उपयोग हो रहा है। लद्दाख में तापमान काफी कम रहता है, जबकि किन्नौर के कई हिस्सों में यह बदलता रहता है।

You May Also Like:

Jobs In Hotels/Restaurants/Tourism,Click Here!

Share Some Love

Comments

comments

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *