हिमाचल में दुनिया की सबसे ऊंची ट्रैफिक टनल रोहतांग टनल के जल्द पूरा होने की संभावना

पिछले आठ साल से निर्माणाधीन रोहतांग टनल के जल्द पूरा होने की संभावना बढ़ गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट भाषण में टनल निर्माण का खास जिक्र कर इस आशय की उम्मीद बंधाई है। सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रोहतांग टनल को लेकर वित्त मंत्री के बयान से कुल्लू, लाहौल स्पीति और पांगी समेत आसपास के अन्य इलाकों में खुशी की लहर है। खासकर जनजातीय आबादी की टनल के पूरी तरह से खुलने को लेकर बेसब्री बढ़ गई है।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री जेटली ने बजट भाषण में रोहतांग टनल का निर्माण कार्य जल्द अंजाम तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रोहतांग टनल सामरिक महत्व के साथ साथ पर्यटन विकास के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित होगी।

दुनिया में सबसे ऊंची है यह ट्रैफिक टनल – रोहतांग टनल

रोहतांग टनल का निर्माण पीर पंजाल पर्वतीय शृंखला में समुद्रतल से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर किया जा रहा है। 8.8 किलोमीटर लंबी ट्रैफिक सुरंग तैयार होने से मनाली और केलांग की दूरी 45 किलोमीटर कम हो जाएगी। दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बन रही ट्रैफिक टनल हिमाचल समेत जम्मू-कश्मीर को मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

बजट 2018: हिमाचल में दुनिया की सबसे ऊंची ट्रैफिक टनल रोहतांग के जल्द पूरा होने की संभावना

रोहतांग टनल के नॉर्थ और साउथ पोर्टल आपस में जुड़ चुके हैं। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के जायजा लेने के बाद से कार्य में तेजी आई है। फिलहाल आपात स्थिति में टनल का इस्तेमाल हो रहा है।

जून 2010 में सोनिया गांधी ने किया था शिलान्यास

रोहतांग टनल का शिलान्यास यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जून 2010 में किया था। 1400 करोड़ की प्रस्तावित लागत के साथ टनल को जुलाई 2014 में पूरा किया जाना था। पानी के रिसाव से काम रोकना पड़ा। निर्माण पूरा करने की दूसरी अवधि जून 2018 तय की गई।

भौगोलिक चुनौतियों के चलते टनल निर्माण के लिए फिर जून 2019 का समय निर्धारित किया गया। केंद्र की प्राथमिकता बनी टनल का निर्माण अब निर्धारित समय से पहले पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। इसकी लागत भी 1400 करोड़ से बढ़कर 4 हजार करोड़ तक होने का अनुमान है।

इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगी टनल : मारकंडा

कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बजट में टनल का जिक्र होने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि टनल जनजातीय क्षेत्र के लोगों के लिए लाइफलाइन साबित होगी जबकि इसका सामरिक महत्व भी है। टनल खुलने से जनजातीय इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ेगा।

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Posted by: Admin Himachali Roots on

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